स्वतंत्रता दिवस 2025: आज़ादी के 79 वर्ष, भारत की शौर्यगाथा और गौरवमयी यात्रा

15 अगस्त 1947 का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। इस दिन भारत ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आज़ादी पाई थी। यह आज़ादी केवल कुछ नेताओं की वजह से नहीं, बल्कि लाखों स्वतंत्रता सेनानियों और आम भारतीयों के एकजुट संघर्ष का परिणाम थी, जिन्होंने अपने साहस, बलिदान और दृढ़ संकल्प से देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया।

स्वतंत्रता दिवस का इतिहास

ब्रिटिश साम्राज्य ने भारत पर लगभग 150 वर्षों तक शासन किया। 1619 में सूरत, गुजरात में स्थापित ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने भारत में प्रवेश किया। प्लासी के युद्ध (1757) में जीत के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया और धीरे-धीरे पूरे भारत में अपना प्रभुत्व फैला दिया।

महात्मा गांधी, भगत सिंह, सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन ने ब्रिटिश शासन को अंतिम झटका दिया और अंततः 1947 में वे भारत छोड़कर चले गए।

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स्वतंत्रता दिवस का महत्व

1947 में ब्रिटिश संसद में भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (Indian Independence Act) पेश किया गया, जिसे पारित होने के बाद भारत में ब्रिटिश शासन का औपचारिक अंत हुआ। इस अधिनियम के परिणामस्वरूप भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र देशों के रूप में अस्तित्व में आए।

स्वतंत्रता दिवस के उत्सव

15 अगस्त 1947 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपना ऐतिहासिक भाषण “नियति से साक्षात्कार” (Tryst with Destiny) प्रस्तुत किया। तब से यह परंपरा जारी है और हर वर्ष प्रधानमंत्री लाल किले से ध्वजारोहण कर राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

देशभर में इस दिन स्कूल, कॉलेज, सरकारी और निजी संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, नाटक, परेड और झांकियां आयोजित की जाती हैं। राष्ट्रीय स्मारकों को रोशनी से सजाया जाता है और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

स्वतंत्रता दिवस 2025: क्या भारत 78वां या 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है?

हर साल 15 अगस्त को भारत स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाता है, लेकिन 2025 में एक सवाल कई लोगों के मन में उठ रहा है — क्या यह 78वां स्वतंत्रता दिवस होगा या 79वां?

78 और 79 में क्या है अंतर?

यदि गणना के हिसाब से देखें तो 2025 – 1947 = 78, यानी भारत को आज़ादी मिले 78 साल पूरे हो चुके होंगे। यह संख्या दर्शाती है कि देश ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद कितने वर्ष पूरे किए हैं।

लेकिन, स्वतंत्रता दिवस की गिनती आज़ादी के पहले दिन से शुरू होती है, यानी 15 अगस्त 1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। इसलिए, 2025 में हम 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे होंगे, न कि 78वां।

आधिकारिक पुष्टि

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक पत्र, जिसे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने साझा किया, में स्पष्ट किया गया है कि 15 अगस्त 2025 को भारत अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह देश की आज़ादी का 79वां पर्व होगा, जब पूरा भारत अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करेगा और तिरंगे की शान में कार्यक्रम आयोजित करेगा।

निष्कर्ष

स्वतंत्रता दिवस 2025 केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा दिन है जो हमें हमारे गौरवशाली इतिहास, बलिदानों और एकता की याद दिलाता है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहें।

तिरंगे की शान न होगी कम, देश के लिए मर-मिटेंगे हम, भारत माँ का हर बेटा कहे, “वंदे मातरम्… वंदे मातरम्!”

लहराए तिरंगा हर गगन पर, लिख दें कहानी अपने मगन पर, शहीदों का क़र्ज़ चुकाना है हमको, वतन के नाम जिएँ और वतन पर मरे हम हर जन पर।

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